इंदौर। गणेश चतुर्थी के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने शहर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर सघन निरीक्षण अभियान चलाया। रविवार को की गई कार्रवाई में इंदौर के प्रमुख होटलों के साथ श्री खजराना गणेश मंदिर परिसर में प्रसाद विक्रय और निर्माण केंद्रों की भी जांच की गई। इस दौरान अलग-अलग प्रतिष्ठानों से करीब 31 खाद्य नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, मध्यप्रदेश के निर्देशन और कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में की गई। टीम ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता, स्टोरेज, तापमान नियंत्रण और खाद्य निर्माण प्रक्रिया सहित Food Safety Standards की जांच की।

Infinity Hotel में मिलीं कई कमियां
Ring Road स्थित Infinity Hotel के निरीक्षण में परिसर की सामान्य साफ-सफाई और खाद्य सामग्री का स्टोरेज उचित पाया गया। टीम ने यहां से पनीर, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर और मूंग मोगर के कुल चार नमूने लिए। हालांकि जांच के दौरान दो रेफ्रिजरेटर में Temperature Monitoring Device नहीं मिला। इसके अलावा Calibration Record भी प्रस्तुत नहीं किया गया। Food Handlers के Medical Fitness से जुड़े निर्धारित प्रारूप वाले दस्तावेज भी मौके पर उपलब्ध नहीं पाए गए। खाद्य सामग्री के भंडारण में FIFO (First In, First Out) व्यवस्था का प्रभावी पालन नहीं मिला। Raw Material और Ready-to-Eat Food की Testing Reports भी मौके पर उपलब्ध नहीं थीं।

श्रीमाया होटल में व्यवस्था ठीक, लेकिन Water Testing Report अधूरी
श्रीमाया होटल की जांच में Kitchen साफ-सुथरा और व्यवस्थित मिला। Food Storage, Temperature Control System और उपकरणों का Calibration भी उचित पाया गया। रसोई में इस्तेमाल होने वाले बर्तन भी Rust-free मिले। हालांकि होटल की Water Testing Report में कमियां सामने आईं। उपलब्ध रिपोर्ट में Pesticide Residue और Heavy Metal की जांच शामिल नहीं थी। विभाग ने होटल प्रबंधन को निर्धारित मानकों के अनुसार Water Testing Report पूरी कराने के निर्देश दिए। यहां से पनीर, Roasted Peanut, Pav Bhaji Masala और Meat Masala के चार नमूने जांच के लिए लिए गए।
खजराना गणेश मंदिर में प्रसाद केंद्रों की जांच
गणेश उत्सव को देखते हुए खाद्य सुरक्षा टीम ने खजराना गणेश मंदिर परिसर में संचालित प्रसाद के थोक और फुटकर विक्रेताओं के करीब 8 से 10 काउंटरों का निरीक्षण किया। विक्रेताओं को Food Licence को स्पष्ट स्थान पर Display करने और प्रसाद में इस्तेमाल होने वाले Food Colour का केवल निर्धारित मात्रा एवं अनुमत मानकों के अनुसार उपयोग करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा एकदंत प्रसाद भंडार, भालचंद्र प्रसाद भंडार और क्वालिटी स्वीट्स सहित प्रसाद निर्माण से जुड़े प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया गया।
एकदंत प्रसाद भंडार में गंदगी, भालचंद्र में भी मिली अव्यवस्था
एकदंत प्रसाद भंडार में लड्डू प्रसाद का निर्माण अस्वच्छ परिस्थितियों में होता पाया गया। फर्श गंदे थे, Food Licence Display नहीं था और Raw Material का Storage भी व्यवस्थित नहीं मिला। वहीं भालचंद्र प्रसाद भंडार में प्रसाद निर्माण और लड्डू बनाने का स्थान साफ-सुथरा नहीं मिला। फर्श चिपचिपे, तेलयुक्त और गंदे पाए गए। Raw Material का रखरखाव भी उचित नहीं था। जांच के दौरान कर्मचारी लड्डू निर्माण क्षेत्र में चप्पल पहनकर आते-जाते मिले। कर्मचारियों के Medical Fitness Certificates भी मौके पर प्रस्तुत नहीं किए गए। इन प्रतिष्ठानों और अन्य प्रसाद विक्रेताओं से मोतीचूर लड्डू, बेसन लड्डू और मोदक सहित करीब 8 नमूने लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जा रहा है।
Fairfield by Marriott में Cockroaches मिले
Fairfield by Marriott की जांच में तुअर दाल, पनीर और Desiccated Coconut Powder के तीन नमूने लिए गए। निरीक्षण के दौरान Vegetarian और Non-Vegetarian खाद्य पदार्थों का Storage एक साथ पाया गया। लगभग सभी Dustbins खुले थे और Wet एवं Dry Waste का Segregation भी उचित तरीके से नहीं किया जा रहा था। सबसे गंभीर बात यह रही कि Store Room में Cockroaches पाए गए। खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से इसे गंभीर Hygiene संबंधी कमी माना गया है।
श्री गुरु कृपा रेस्टोरेंट में भी दस्तावेज नहीं मिले
विजय नगर स्थित श्री गुरु कृपा रेस्टोरेंट का भी निरीक्षण किया गया। यहां Food Testing Report, Water Testing Report और Food Handlers के Medical Fitness Certificates मौके पर उपलब्ध नहीं मिले।
रिपोर्ट आने के बाद होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार पूरी कार्रवाई के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों और प्रसाद निर्माण केंद्रों से करीब 31 खाद्य नमूने लिए गए हैं। सभी नमूने नियमानुसार राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जिन प्रतिष्ठानों में कमियां मिली हैं, उनके खिलाफ नोटिस या सुधार सूचना जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। अब जांच रिपोर्ट यह तय करेगी कि लिए गए खाद्य नमूनों में गुणवत्ता संबंधी कोई गंभीर गड़बड़ी सामने आती है या नहीं। वहीं निरीक्षण में मिली स्वच्छता और दस्तावेजों से जुड़ी कमियों को लेकर संबंधित प्रतिष्ठानों से जवाब भी मांगा जाएगा।













