सीधी। गांव की बदहाल सड़क को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी आवाज बुलंद करने वाली यूट्यूबर और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर लीला साहू अब सड़क पर उतर आई हैं। खड्डी से बगैहा तक करीब 10 किलोमीटर लंबे मार्ग का निर्माण लंबे समय से अधूरा होने के विरोध में लीला साहू ने अपने गांव खड्डी में ग्रामीणों के साथ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। धरना स्थल पर ग्रामीणों ने टेंट-पंडाल लगाया है और सड़क निर्माण पूरा कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक अधूड़े निर्माण को पूरा करने को लेकर ठोस पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

10 किलोमीटर सड़क, 5 किलोमीटर के बाद काम पर ब्रेक
लीला साहू के मुताबिक खड्डी से बगैहा तक पहुंच मार्ग करीब 10 किलोमीटर लंबा है। इसमें गजरी तक लगभग 5 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो चुका है, लेकिन इसके आगे का काम लंबे समय से रुका हुआ है। उनका आरोप है कि सड़क का निर्माण करीब दो साल से अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण रोजमर्रा के आवागमन के साथ-साथ स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
BJP विधायक पर लगाया भेदभाव का आरोप
लीला साहू ने सड़क के अधूरे निर्माण को लेकर स्थानीय बीजेपी विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यह मार्ग धौहनी और चुरहट विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरता है। आरोप है कि एक विधानसभा क्षेत्र की सीमा तक सड़क का काम पूरा कर दिया गया, जबकि दूसरे हिस्से में निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया। लीला साहू ने इसे भेदभाव और वादाखिलाफी बताते हुए सवाल उठाया कि जब सड़क का निर्माण शुरू किया गया था तो पूरे मार्ग को पूरा क्यों नहीं किया गया। हालांकि, विधायक या संबंधित विभाग की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया है, यह सामने आना बाकी है।
सोशल मीडिया से सड़क के संघर्ष तक
लीला साहू सीधी जिले की रहने वाली चर्चित डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं। वह खासतौर पर ग्रामीण जीवन, स्थानीय संस्कृति और बघेली बोली में बनाए गए अपने वीडियो के लिए जानी जाती हैं। उनका सहज और ग्रामीण अंदाज सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय है। यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर उनके वीडियो बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचते हैं और कई बार उनके कंटेंट वायरल भी होते रहे हैं। अब सोशल मीडिया पर अपनी अलग पहचान बनाने वाली लीला साहू ने अपने गांव की सड़क के मुद्दे को लेकर सीधे आंदोलन का रास्ता अपनाया है।
सवाल अब सड़क से ज्यादा सिस्टम पर
दो साल से अधूरे पड़े सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों का धरना प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के लिए चुनौती बन गया है। सवाल यह है कि आखिर 10 किलोमीटर की सड़क में 5 किलोमीटर का काम होने के बाद बाकी हिस्सा कब पूरा होगा? क्या प्रशासन धरने पर बैठे ग्रामीणों की मांग पर तत्काल कार्रवाई करेगा? और लीला साहू द्वारा लगाए गए भेदभाव के आरोपों पर संबंधित विधायक और विभाग क्या जवाब देते हैं—इस पर अब सबकी नजर है।













