रीवा। संजय गांधी अस्पताल एक बार फिर मरीजों की देखरेख को लेकर सवालों के घेरे में है। अस्पताल में भर्ती सतना की एक महिला की हालत बिगड़ने के बाद परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि मरीज को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन उन्हें रेफर नहीं किया गया। मामले को लेकर अस्पताल में मरीज के परिजनों और अस्पताल स्टाफ के बीच विवाद की स्थिति भी बनी हुई है। परिजन पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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स्कूटी हादसे के बाद अस्पताल में कराया था भर्ती
जानकारी के मुताबिक सतना निवासी अर्चना गुप्ता का 30 तारीख को स्कूटी से एक्सीडेंट हुआ था। हादसे के बाद उन्हें उपचार के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का दावा है कि अस्पताल में भर्ती कराए जाने के समय उनकी हालत सामान्य थी, लेकिन करीब पांच दिन बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।

मरीज की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उठाए सवाल
परिजनों का आरोप है कि मरीज की नियमित देखरेख और उपचार में लापरवाही बरती गई। उनका दावा है कि कुछ दिनों बाद मरीज के शरीर में कीड़े पड़ने जैसी गंभीर स्थिति सामने आई। हालांकि, इस स्थिति के वास्तविक चिकित्सकीय कारणों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है। ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि मरीज की हालत बिगड़ने के पीछे क्या कारण रहे और उपचार के दौरान अस्पताल की ओर से किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं।
दूसरे अस्पताल ले जाने की मांग, रेफर नहीं करने का आरोप
परिजनों के मुताबिक अर्चना की हालत बिगड़ने के बाद वे उन्हें बेहतर उपचार के लिए किसी अन्य अस्पताल ले जाना चाहते थे। उनका आरोप है कि डॉक्टरों से रेफर करने की मांग करने के बावजूद उन्हें अनुमति नहीं दी गई। इसको लेकर परिजनों और अस्पताल प्रशासन के बीच विवाद बढ़ गया।
वीडियो बनाने पहुंचे परिजन, मोबाइल लेने का आरोप
मामला उस समय और गरमा गया, जब परिजन मरीज की स्थिति का वीडियो बनाने के लिए आईसीयू पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि वहां मौजूद एक डॉक्टर ने उनका मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया। इस घटना को लेकर भी परिजनों ने नाराजगी जताई और अस्पताल में हंगामा किया।
आईसीयू में भर्ती है मरीज
फिलहाल अर्चना गुप्ता को संजय गांधी अस्पताल के आईसीयू नंबर-2 में भर्ती बताया जा रहा है। मरीज की बेटी नैंसी गुप्ता ने डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों का कहना है कि पूरे मामले की जांच कर यह तय किया जाना चाहिए कि मरीज की हालत बिगड़ने के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और यदि इलाज या देखरेख में लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।
अस्पताल की व्यवस्थाओं पर फिर सवाल
संजय गांधी अस्पताल में इससे पहले भी मरीजों की मौत और कथित चिकित्सकीय लापरवाही को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। ऐसे में अर्चना गुप्ता का मामला एक बार फिर अस्पताल में मरीजों की निगरानी, इलाज की व्यवस्था और आईसीयू प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। अब मामले में अस्पताल प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष और चिकित्सकीय जांच सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मरीज की हालत बिगड़ने की वास्तविक वजह क्या रही और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।













