विधानसभा मार्च के दौरान झड़प के बाद कार्रवाई; करीब 100 प्रदर्शनकारियों के नाम FIR में दर्ज, 500 अज्ञात, भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ 20वें दिन भी आंदोलन जारी।
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन लगातार 20वें दिन भी जारी है। गुरुवार को छात्रों ने विधानसभा की ओर विरोध मार्च निकाला। इस दौरान हुई झड़प के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए करीब 600 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस की FIR में करीब 100 प्रदर्शनकारियों के नाम दर्ज किए गए हैं, जबकि लगभग 500 अन्य लोगों को अज्ञात बताया गया है। पुलिस अब मामले में प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं, भीड़ की गतिविधियों और झड़प से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। छात्र पिछले 20 दिनों से भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर सरकार से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता और सरकार उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। FIR दर्ज होने के बाद इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बड़ी संख्या में FIR दर्ज किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवा अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। वहीं, विधानसभा मार्च को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई। मुख्यमंत्री आवास के आसपास भी सुरक्षा बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई है। छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा बढ़ाए जाने को लेकर कहा कि प्रदर्शनकारियों की ओर से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की फिलहाल कोई योजना नहीं थी। छात्रों ने ऐसी किसी भी आशंका को लेकर फैलाई जा रही जानकारी को भ्रामक बताया और सरकार से बातचीत के जरिए मामले का समाधान निकालने की अपील की। छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ है और वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। वहीं, पुलिस की ओर से FIR दर्ज किए जाने के बाद आंदोलन के आगे और तेज होने की संभावना भी जताई जा रही है। अब इस पूरे मामले में सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बातचीत होती है या आंदोलन को लेकर प्रशासन की कार्रवाई आगे बढ़ती है, इस पर नजर बनी हुई है।














