अशोकनगर/चंदेरी। जिले के चंदेरी के नजदीक महोली गांव में वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की प्रतिमा हटाए जाने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। प्रतिमा हटाए जाने के विरोध में लोधी समाज के लोगों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। बुधवार सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ धरना 24 घंटे से ज्यादा समय बाद गुरुवार को भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी प्रतिमा को दोबारा उसी स्थान पर स्थापित करने की मांग पर अड़े हुए हैं। महोली गांव के चौराहे पर रानी अवंती बाई की प्रतिमा स्थापित की गई थी। प्रशासन ने कथित तौर पर बिना अनुमति प्रतिमा स्थापित किए जाने का हवाला देते हुए उसे हटवा दिया और प्रतिमा को चंदेरी नगरपालिका में रखवा दिया। इसके बाद मामला तूल पकड़ गया और जिलेभर से लोधी समाज के लोग महोली पहुंचने लगे।

प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी
प्रतिमा हटाए जाने से नाराज प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर धरना दिया और प्रशासन तथा पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रानी अवंती बाई जैसी वीरांगना की प्रतिमा हटाना समाज की भावनाओं से जुड़ा विषय है। उनकी मांग है कि प्रतिमा को तत्काल उसी स्थान पर दोबारा स्थापित किया जाए। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मोबाइल टावर पर चढ़े प्रदर्शनकारी
विरोध के दौरान स्थिति उस समय और गंभीर हो गई, जब कुछ प्रदर्शनकारी मोबाइल टावर पर चढ़ गए। प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे और प्रतिमा दोबारा स्थापित किए जाने की मांग करते रहे। प्रशासन और पुलिस की ओर से उन्हें नीचे उतारने और समझाने के प्रयास किए गए।

विधायक भी पहुंचे, लेकिन नहीं निकला समाधान
मामले की जानकारी मिलने के बाद चंदेरी विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। हालांकि, देर शाम तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका और धरना जारी रहा। वहीं पिछोर विधायक प्रीतम सिंह लोधी के बेटे राकेश लोधी भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने शासन-प्रशासन से प्रतिमा को दोबारा उसी स्थान पर स्थापित करने की मांग की। उन्होंने चंदेरी विधायक से भी इस मामले में हस्तक्षेप कर प्रतिमा स्थापित कराने की मांग रखी।
आखिर किस आधार पर हटाई गई प्रतिमा?
इस पूरे विवाद के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि रानी अवंती बाई की प्रतिमा आखिर किस आदेश और किस आधार पर हटाई गई? प्रशासन की ओर से फिलहाल प्रतिमा हटाने की कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। यदि प्रतिमा बिना अनुमति स्थापित की गई थी, तो अनुमति की प्रक्रिया क्या थी और प्रशासन ने कार्रवाई किस आदेश के तहत की—इन सवालों के जवाब भी अब सामने आने बाकी हैं। गौरतलब है कि अशोकनगर जिले के चंदेरी और मुंगावली में रानी अवंती बाई की प्रतिमा स्थापित करने की मांग पहले भी उठती रही है। वर्ष 2023 में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी चंदेरी और मुंगावली में रानी अवंती बाई की प्रतिमा स्थापित करने की मांग का समर्थन किया था। फिलहाल महोली गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात है। प्रदर्शनकारी प्रतिमा की पुनर्स्थापना की मांग पर अड़े हैं और मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दे रहे हैं। अब पूरे मामले में प्रशासन क्या निर्णय लेता है, इस पर सभी की नजर है।














