श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले की कराहल तहसील में खाद-बीज दुकानों के निरीक्षण के दौरान कृषि विभाग की टीम के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि दुकान की जांच करने पहुंची कृषि विभाग की टीम और दुकान संचालक के बीच विवाद हो गया, जिसके बाद दुकान संचालक ने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट कर दी। घटना के बाद कृषि विभाग की टीम कराहल थाने पहुंची और मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दुकान संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, शासन के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम कराहल क्षेत्र में खाद-बीज दुकानों का निरीक्षण करने पहुंची थी। टीम का उद्देश्य दुकानों पर खाद-बीज के स्टॉक, बिक्री और संबंधित दस्तावेजों की जांच करना था। इसी दौरान टीम श्रेया ट्रेडर्स पर पहुंची, जहां निरीक्षण के दौरान दुकान संचालक और अधिकारियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया।आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद दुकान संचालक नीरज मंगल ने कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मारपीट की। इस दौरान कृषि विस्तार अधिकारी संजीव शाक्य सहित टीम के अन्य सदस्यों के साथ अभद्रता किए जाने का भी आरोप है। घटना के बाद मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई।

बताया जा रहा है कि स्थिति बिगड़ने के बाद कृषि विभाग के अधिकारी वहां से निकलकर सीधे कराहल थाने पहुंचे। अधिकारियों ने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दुकान संचालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मौके पर विवाद और हंगामे की स्थिति दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की पूरी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
कराहल थाना प्रभारी भारत सिंह गुर्जर ने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारियों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी टीम के साथ मारपीट का आरोप, विभाग में नाराजगी
कृषि विभाग के अधिकारियों ने घटना को सरकारी ड्यूटी के दौरान टीम के साथ हुई गंभीर घटना बताया है। विभागीय स्तर पर भी मामले को लेकर नाराजगी जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि शासन के निर्देश पर निरीक्षण और जांच करना विभागीय कार्य का हिस्सा है और इस दौरान टीम के साथ किसी भी तरह की अभद्रता या मारपीट को स्वीकार नहीं किया जा सकता।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और मारपीट की घटना किस परिस्थिति में हुई, यह पुलिस जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा। वहीं, इस मामले में दूसरे पक्ष का विस्तृत पक्ष सामने आना अभी बाकी है।














