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हरसूद की त्रासदी को कवर करने वाले दो रिपोर्टर 22 साल बाद किस तरह याद करते हैं

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‘हरसूद की त्रासदी’ मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित हरसूद कस्बे का इतिहास में दर्ज वह दर्दनाक अध्याय है, जब 30 जून 2004 को इंदिरा सागर बांध के जलस्तर के कारण यह 700 साल पुराना ऐतिहासिक शहर हमेशा के लिए पानी में समा गया था।इस त्रासदी के प्रमुख और महत्वपूर्ण पहलू निम्नलिखित हैं | नर्मदा नदी पर बने इंदिरा सागर बांध के कारण 245 गाँवों और हरसूद कस्बे को खाली कराना पड़ा था, जिसके बाद यह एशिया का सबसे बड़ा विस्थापित शहर बन गया। आज भी जब बांध का जलस्तर कम होता है, तो पुराने हरसूद की टूटी सड़कें, मकानों की नींव, मंदिर और अन्य इमारतें पानी से बाहर आकर लोगों की यादें ताजा कर देती हैं। भुवनेश सेंगर व विजय मनोहर तिवारी ने इस खबर को वहीं रहकर करीब 2 माह तक कवर किया इसी पर देखिए हमारी खास रिपोर्ट

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