इंदौर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के शनिवार को इंदौर में होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले शहर में पोस्टर पॉलिटिक्स तेज हो गई है। कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले इंदौर के कई प्रमुख चौराहों और इलाकों में राहुल गांधी की तस्वीर वाले ‘झूठ की गूंज’ के पोस्टर नजर आए। इन पर लिखा है- ‘झूठ की गूंज पर होगी सत्य की विजय।’ बताया गया है कि गीता भवन, पलासिया, MR-9, विजयनगर, भंवरकुआं और अन्य इलाकों में बड़े आकार के पोस्टर लगाए गए। शुरुआती तौर पर पोस्टरों पर इन्हें लगाने वाले किसी व्यक्ति या संगठन का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं था। इसी वजह से इनके पीछे किसकी भूमिका है, इसे लेकर सियासी आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया।

‘छात्रों की गूंज’ के जवाब में ‘झूठ की गूंज’
राहुल गांधी का कार्यक्रम छात्रों और युवाओं से संवाद पर केंद्रित है। कार्यक्रम के पहले सामने आए पोस्टरों को इसी आयोजन के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। पोस्टरों में राहुल गांधी की तस्वीर के साथ ‘झूठ की गूंज’ लिखा गया है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक इसी नाम से एक वेबसाइट और QR कोड के जरिए राहुल गांधी से जुड़े दावों के फैक्ट-चेक का भी उल्लेख किया गया है।

कांग्रेस ने भाजपा पर लगाए आरोप
पोस्टर सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर निशाना साधा। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के कार्यक्रम को देखते हुए भाजपा की ओर से इस तरह के पोस्टर लगवाए गए हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक विरोध का तरीका बताते हुए कहा कि कांग्रेस युवाओं और छात्रों के मुद्दों को लेकर कार्यक्रम कर रही है। कांग्रेस ने कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान प्रशासन, नगर निगम, इंदौर विकास प्राधिकरण और पुलिस से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, पोस्टर लगाने के आरोप को लेकर भाजपा की ओर से अलग दावा सामने आया है।
भाजपा बोली- ‘देशप्रेमियों ने लगाए पोस्टर’
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये पोस्टर ‘देशप्रेमियों’ ने लगाए हैं। उन्होंने राहुल गांधी से जुड़े कथित बयानों और दावों को लेकर सवाल उठाते हुए पोस्टर अभियान को सही ठहराया। इस तरह पोस्टरों को लेकर दोनों प्रमुख दलों के दावे आमने-सामने हैं, जबकि इन्हें लगाने वाले व्यक्ति या संगठन की आधिकारिक पहचान फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
कांग्रेस पार्षद ने उतारे पोस्टर
पोस्टरों की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया सहित कार्यकर्ता कुछ स्थानों पर पहुंचे और पोस्टर हटाने लगे। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि यदि पोस्टर बिना अनुमति लगाए गए हैं तो नगर निगम की कार्रवाई कहां है। राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले इंदौर में शुरू हुई यह ‘पोस्टर पॉलिटिक्स’ अब शहर की सियासत में चर्चा का नया मुद्दा बन गई है। एक तरफ कांग्रेस का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम है, तो दूसरी तरफ उसके जवाब में सामने आया ‘झूठ की गूंज’ अभियान—और दोनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।













