यूरोप इस समय भीषण हीटवेव की चपेट में है। रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने सिर्फ लोगों की मुश्किलें ही नहीं बढ़ाई हैं, बल्कि सड़कों, रेल पटरियों और बिजली व्यवस्था पर भी गंभीर असर डाला है। फ्रांस, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, ब्रिटेन और कई अन्य देशों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे कई शहरों में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।
हीटवेव से परिवहन, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ा संकट
यूरोप में पड़ रही भीषण गर्मी ने पूरे महाद्वीप के इंफ्रास्ट्रक्चर को झकझोर कर रख दिया है। जर्मनी में तेज गर्मी के कारण कई हाईवे की कंक्रीट सड़कें फट गईं, जबकि फ्रांस में सड़कें पिघलने और रेल पटरियों के टेढ़ी होने से परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। ट्रेनों की रफ्तार धीमी कर दी गई है और कई सेवाएं बाधित हैं।
स्विट्जरलैंड, चेक गणराज्य, डेनमार्क और ब्रिटेन में भी तापमान ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है और अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। फ्रांस की सरकारी बिजली कंपनी ने भी अत्यधिक गर्मी के चलते कुछ परमाणु बिजली संयंत्रों का उत्पादन कम कर दिया है।
फ्रांस-जर्मनी समेत कई देशों में 40°C के पार पहुंचा तापमान
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सड़कें गर्मी के कारण उभरती और पिघलती दिखाई दे रही हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी चरम मौसमी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आने वाले वर्षों में यूरोप समेत दुनिया के कई देशों को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।














