जकार्ता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद भारत और इंडोनेशिया ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 10 से अधिक महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों में चुनावी प्रक्रिया, रक्षा, कृषि, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य, अंतरिक्ष और महत्वपूर्ण खनिज जैसे कई क्षेत्र शामिल हैं। दोनों देशों के बीच चुनावी प्रक्रिया में सहयोग को लेकर हुए समझौते ने विशेष ध्यान आकर्षित किया है। समझौते के तहत भारत और इंडोनेशिया चुनाव प्रबंधन और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से जुड़े तकनीकी सहयोग पर मिलकर काम करेंगे। इसके तहत भारतीय विशेषज्ञ इंडोनेशिया की जरूरतों के अनुरूप चुनावी तकनीक और ईवीएम से जुड़े अनुभव साझा करेंगे।हालांकि, समझौते में तकनीकी सहयोग का प्रावधान है। इंडोनेशिया में भारतीय मॉडल की ईवीएम का उपयोग किस स्वरूप में होगा, इससे जुड़ी विस्तृत प्रक्रिया संबंधित संस्थाओं द्वारा तय की जाएगी।
डिजिटल भुगतान और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि दोनों देशों ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), दूरसंचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनाई है। इसके अलावा भारत के UPI और इंडोनेशिया की डिजिटल भुगतान प्रणाली को जोड़ने की दिशा में भी प्रगति हुई है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रक्षा और रणनीतिक साझेदारी मजबूत
भारत और इंडोनेशिया ने रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिए भी कई समझौते किए हैं। इनमें समुद्री सुरक्षा, रक्षा तकनीक, मिसाइल सहयोग और सामरिक साझेदारी से जुड़े समझौते शामिल हैं। दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
इन क्षेत्रों में भी हुए अहम समझौते
दोनों देशों के बीच जिन प्रमुख क्षेत्रों में सहमति बनी, उनमें शामिल हैं—
- चुनावी प्रक्रिया और तकनीकी सहयोग
- कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र
- समुद्री सुरक्षा
- रक्षा सहयोग
- दूरसंचार तकनीक
- अनुसंधान एवं नवाचार
- अंतरिक्ष सहयोग
- स्वास्थ्य और मेडिकल उत्पाद नियमन
- आपदा प्रबंधन
- महत्वपूर्ण खनिज और स्टील क्षेत्र
- डिजिटल भुगतान और स्टार्टअप सहयोग
- सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण
भारत और इंडोनेशिया के बीच हुए ये समझौते दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन समझौतों से व्यापार, तकनीक, सुरक्षा और डिजिटल सहयोग के क्षेत्र में दोनों देशों के रिश्तों को नई गति मिलेगी।














