उज्जैन। बड़नगर में युवती निशा की मौत के बाद ऐसा जनआक्रोश देखने को मिल रहा है, जिसने प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रुणीजा चौराहे पर बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए हैं। करीब छह घंटे से चक्काजाम जारी है और प्रदर्शनकारी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। मामले में गिरफ्तारी होने के बावजूद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। उनकी मांग है कि सिर्फ गिरफ्तारी की औपचारिकता से बात नहीं बनेगी, बल्कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

निशा की मौत के बाद सड़क पर उतरा आक्रोश
उज्जैन जिले के बड़नगर क्षेत्र के मासवाड़िया गांव की रहने वाली निशा की मौत के बाद ग्रामीणों और विभिन्न संगठनों में आक्रोश है। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की है। परिजनों का आरोप है कि निशा को लंबे समय से एक युवक परेशान कर रहा था। शिकायत में उसके द्वारा पीछा करने, जबरन बातचीत का दबाव बनाने और रास्ते में रोककर परेशान करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और मामले में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

स्कूल प्रबंधन पर भी गंभीर आरोप
मामले में स्कूल के प्राचार्य ब्रजपाल सिंह राठौर को लेकर भी परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का दावा है कि निशा को कथित रूप से एक लेटर सार्वजनिक कर बदनाम करने की धमकी दी गई और स्कूल से निकालने का दबाव बनाया गया। परिजनों का आरोप है कि लगातार बने दबाव के कारण निशा मानसिक रूप से परेशान थी। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है, लेकिन प्रदर्शनकारियों की मांग है कि पुलिस जांच में स्कूल प्रबंधन की भूमिका की भी निष्पक्ष तरीके से पड़ताल की जाए।
करणी सेना और ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा
मामले की जानकारी सामने आने के बाद उज्जैन करणी सेना के जिला अध्यक्ष सुमेर सिंह सिसोदिया भी अपनी टीम के साथ प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। संगठन और ग्रामीणों ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में आरोपी की संपत्ति की जांच और यदि कोई निर्माण अवैध पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई शामिल है। इसके अलावा स्कूल प्रबंधन की भूमिका की जांच और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग भी उठाई जा रही है।
रुणीजा चौराहे पर लंबा जाम, प्रशासन समझाइश में जुटा
चक्काजाम के कारण रुणीजा चौराहे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासनिक अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रहे हैं। लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई का भरोसा नहीं मिलता, तब तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा।
तीन बड़े सवालों के बीच घिरा प्रशासन
इस पूरे मामले ने पुलिस और प्रशासन के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहला सवाल— अगर परिजनों के आरोपों के मुताबिक निशा को लगातार परेशान किया जा रहा था, तो समय रहते शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
दूसरा सवाल— क्या प्रशासन को कार्रवाई के लिए सड़क पर उतरकर आंदोलन होने का इंतजार करना पड़ा?
तीसरा सवाल— आरोपी की संपत्ति या मकान को लेकर उठ रही मांग पर प्रशासन क्या कानूनी प्रक्रिया अपनाएगा और जांच में अवैध निर्माण सामने आने पर क्या कार्रवाई होगी?
अंतिम संस्कार को लेकर भी गतिरोध
प्रदर्शनकारियों और परिजनों की मांग है कि जब तक मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसी वजह से रुणीजा चौराहे पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन प्रदर्शनकारियों की मांगों पर क्या निर्णय लेता है और निशा की मौत के मामले में जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।













