नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में 16 अक्टूबर को दो अलग-अलग घटनाक्रम चर्चा में हैं। एक ओर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और अपने नेताओं आशुतोष रांका व सौरव दास की न्यायिक हिरासत के विरोध में कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम का ऐलान किया है। दूसरी ओर, पीतमपुरा की श्री केशव रामलीला समिति ने दशहरे पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के साथ 30 फीट ऊंचे कॉकरोच का पुतला जलाने की तैयारी की है। समिति ने इसे स्वच्छता का संदेश देने वाली पहल बताया है।

CJP के कार्यक्रम से पहले दिल्ली में सुरक्षा कड़ी
CJP ने शुक्रवार शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है। पार्टी की मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। इसके साथ ही संगठन अपने नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने का विरोध कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई दिल्ली और आसपास के इलाकों में 25 हजार से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती की खबर है। इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने की भी जानकारी दी गई है।
सेंट्रल पार्क 16 और 17 अक्टूबर को बंद
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को आम लोगों के लिए बंद रखने का नोटिस जारी किया है। आदेश में प्रशासनिक कारणों का उल्लेख किया गया है। रैली को लेकर अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में भी घटनाक्रम सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी और लोगों से वहां एकत्र न होने की अपील की। वहीं, दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रस्तावित प्रदर्शन पर रोक लगाने से इनकार किया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को आवश्यक कदम उठाने की छूट दी। ऐसे में कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक स्थिति पर नजर बनी हुई है।
अभिजीत दीपके ने जताई गिरफ्तारी की आशंका
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कर आरोप लगाया कि सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी उनका पीछा कर रहे हैं। उन्होंने गिरफ्तारी की आशंका भी जताई और कहा कि वह अपने कार्यक्रम से पीछे नहीं हटेंगे।
दीपके ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा कि विरोध का उद्देश्य अपनी बात रखना है। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी अहिंसा के रास्ते पर चलती है और देश के अलग-अलग शहरों में हुए उसके प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे हैं। पुलिस की ओर से उनके पीछा किए जाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
पीतमपुरा की रामलीला में 30 फीट का कॉकरोच
इसी बीच, दिल्ली के पीतमपुरा में दशहरे के आयोजन को लेकर भी चर्चा है। श्री केशव रामलीला समिति ने इस साल रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के साथ 30 फीट ऊंचे कॉकरोच का पुतला जलाने का फैसला किया है। समिति के अध्यक्ष और भाजपा विधायक अशोक गोयल के मुताबिक, कॉकरोच का पुतला गंदगी और मैल का प्रतीक होगा। इसका उद्देश्य स्वच्छ भारत और स्वच्छ दिल्ली का संदेश देना है। समिति ने स्पष्ट किया है कि इस पहल के पीछे कोई राजनीतिक मंशा नहीं है।
दो अलग घटनाक्रम, चर्चा में दिल्ली
एक तरफ CJP का तिरंगा कार्यक्रम राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद के बीच चर्चा में है, तो दूसरी ओर रामलीला में कॉकरोच का पुतला स्वच्छता संदेश के रूप में पेश किया जा रहा है। दोनों घटनाओं के बीच नाम का संयोग जरूर है, लेकिन आयोजकों ने अपने-अपने उद्देश्यों को अलग बताया है। अब नजर इस बात पर है कि कनॉट प्लेस में कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था कैसे बनाए रखी जाती है और पीतमपुरा की रामलीला में इस अनोखे पुतले को लेकर लोगों की क्या प्रतिक्रिया रहती है।













