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जंतर-मंतर पर महिला पत्रकारों से बदसलूकी के आरोप, ACP पर यौन दुर्व्यवहार का आरोप

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महिला पत्रकार बोली- AISA अध्यक्ष को हिरासत में लेने के दौरान ACP ने सीने पर हाथ मारा, धक्का दिया; FIR नहीं होने पर थाने के बाहर जुटे पत्रकार

नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर महिला पत्रकारों और एक महिला प्रदर्शनकारी के साथ बदसलूकी के आरोप लगे। एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया कि AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में लिए जाने के दौरान ACP विवेक भगत ने उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया। पत्रकार का कहना है कि ACP ने उनके सीने पर हाथ मारा और उन्हें धक्का दिया। घटना के बाद उन्होंने मामले की शिकायत दर्ज कराने के लिए पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस थाने का रुख किया।

पुलिस अफसर पर यौन हमले के लगाए आरोप; बोली- ACP ने सीने पर हाथ मारा, धक्का दिया

महिला पत्रकार के मुताबिक, वह करीब साढ़े तीन घंटे तक थाने में मौजूद रहीं, लेकिन उनकी शिकायत पर FIR दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उनके समर्थन में कई पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता थाने के बाहर पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों ने पुलिस से शिकायत दर्ज कर मामले की जांच करने और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले में शिकायतें मिली हैं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की ओर से CCTV फुटेज समेत अन्य सबूतों की जांच किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला पत्रकार द्वारा लगाए गए आरोपों के दौरान घटनास्थल पर वास्तव में क्या हुआ था। मामले को लेकर CJP की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि गंभीर शिकायत मिलने के बावजूद पुलिस संबंधित ACP के खिलाफ FIR दर्ज करने से पहले शुरुआती जांच और CCTV फुटेज देखने की बात कह रही है। CJP की ओर से पत्रकारों और समर्थकों से रविवार सुबह 11 बजे पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस थाने पहुंचने की अपील की गई है।

इस पूरे मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि महिला पत्रकार द्वारा पुलिस अधिकारी पर बदसलूकी का आरोप लगाए जाने के बाद कई पत्रकार FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर थाने के बाहर बैठे हैं। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि शिकायत मिलने के बाद FIR दर्ज करना पुलिस की बुनियादी जिम्मेदारी नहीं है क्या। उन्होंने जंतर-मंतर पर महिला प्रदर्शनकारियों से बदसलूकी और पत्रकारों को कथित तौर पर घसीटे जाने के आरोपों का भी जिक्र किया।राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगते हुए कहा कि जिस पुलिस पर महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, उसी पर महिलाओं के साथ बदसलूकी के आरोप लग रहे हैं। हालांकि, पुलिस और संबंधित अधिकारी की ओर से लगाए गए आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस शिकायतों, CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।

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