इंदौर: एमवाय अस्पताल के बहुचर्चित चूहाकांड को एक साल पूरा होने पर जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने रविवार को न्याय हुंकार कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम के तहत टंट्या भील चौराहे से एमवाय अस्पताल तक पैदल मार्च निकाला गया। अस्पताल पहुंचने पर पुलिस ने मुख्य गेट पर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। जयस कार्यकर्ता चूहाकांड में जान गंवाने वाले दो नवजात बच्चों सहित बालाघाट कांड, कफ सिरप कांड और इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी मामले में मृत लोगों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। जयस और संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं की संगठनात्मक बैठक के बाद दोपहर करीब 3 बजे पैदल मार्च शुरू हुआ। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता टंट्या भील चौराहे से एमवाय अस्पताल की ओर रवाना हुए। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने संबंधित मामलों में जवाबदेही तय करने और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
एमवाय अस्पताल के गेट पर पुलिस की बैरिकेडिंग
पैदल मार्च के एमवाय अस्पताल पहुंचने के बाद पुलिस ने मुख्य प्रवेश द्वार पर बैरिकेडिंग कर दी। प्रदर्शनकारियों को अस्पताल के मुख्य गेट पर ही रोक दिया गया। अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भी मुख्य मार्ग के बजाय पीछे के रास्ते से प्रवेश दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस बल तैनात रहा।
सरकार की जवाबदेही पर उठाए सवाल
जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा ने कहा कि एमवाय चूहाकांड को एक साल पूरा हो चुका है, लेकिन इतनी गंभीर घटना के बावजूद जिम्मेदारी तय नहीं होना चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं। जयस ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई।
श्रद्धांजलि के साथ न्याय की लड़ाई जारी रखने का संकल्प
जयस का कहना है कि मृत नवजात बच्चों को श्रद्धांजलि देना केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि पीड़ित परिवारों के लिए न्याय और जवाबदेही की लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प है। संगठन ने मांग की कि जांच पूरी होने के बाद लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
सुबह हुई संगठनात्मक बैठक
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11 बजे भील कॉलोनी धर्मशाला, मुसाखेड़ी में जयस एवं JCS की संगठनात्मक और रणनीतिक बैठक से हुई। बैठक दोपहर 3 बजे तक चली। इसके बाद कार्यकर्ता टंट्या भील चौराहे से एमवाय अस्पताल तक पैदल मार्च के लिए रवाना हुए।













