भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले से जुड़े सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के घर हुई लाखों रुपये की चोरी का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि वारदात को पारदी गिरोह ने अंजाम दिया था। पुलिस ने इस मामले में गुना जिले से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके पांच अन्य साथियों की तलाश जारी है। भोपाल पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने खुलासा किया कि कुल छह बदमाशों ने मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। गिरोह ने पहले कई दिनों तक घर की रेकी की और यह सुनिश्चित किया कि मकान अधिकतर समय बंद रहता है। इसके बाद 29 जून की रात बदमाश मकान के पीछे से सीढ़ी लगाकर घर में दाखिल हुए और लाखों रुपये के जेवरात चोरी कर फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से फिलहाल चोरी गया कोई सामान बरामद नहीं हुआ है। गिरिबाला सिंह ने पुलिस को दिए बयान में करीब 25 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और अपनी लाइसेंसी पिस्टल चोरी होने की जानकारी दी थी। हालांकि जांच के दौरान लाइसेंसी पिस्टल घर से ही बरामद कर ली गई, जबकि जेवरात की तलाश अभी जारी है।

12 सदस्यीय SIT कर रही जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल पुलिस कमिश्नर ने 12 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। एसआईटी की टीमें गुना जिले में पारदी गिरोह के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही चोरी गए माल की वास्तविक कीमत और पूरी साजिश का खुलासा हो सकेगा। गौरतलब है कि इसी मकान में 12 मई को गिरिबाला सिंह की बहू त्विषा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। इस मामले में दर्ज दहेज हत्या और दहेज प्रताड़ना के प्रकरण में गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं और भोपाल केंद्रीय जेल में बंद हैं। इसी दौरान उनके सूने मकान को निशाना बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया था।














