इंदौर। नवरात्रि में कन्या पूजन और बच्चियों को देवी स्वरूप मानकर सम्मान देने की परंपरा के बीच इंदौर से एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि कन्या भोज के लिए अपने घर बुलाने वाली एक सेवानिवृत्त सरकारी शिक्षिका ने बच्चियों पर चोरी का शक जताकर उनके साथ मारपीट की और उन्हें करीब चार घंटे तक कमरे में बंद रखा। बच्चियों के परिजनों ने महिला के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए एमआईजी थाने में शिकायत की है।

गिफ्ट और पैसे देने के बहाने घर बुलाने का आरोप
परिजनों के मुताबिक, नवरात्रि के आखिरी दिन बच्चियां कन्या भोज के लिए इलाके में गई थीं। इसी दौरान नया बसेरा क्षेत्र में रहने वाली पूर्व शिक्षिका अनीता मोहता उन्हें अपने घर ले गईं। आरोप है कि बच्चियों को उपहार और पैसे देने की बात कही गई थी। बच्चियों के बयान के अनुसार, घर पहुंचने के बाद महिला ने वहां रखे पैसों की चोरी का शक जताया। इसके बाद कथित तौर पर बच्चियों को एक कमरे में बंद कर दिया गया और उनके साथ मारपीट की गई।
बच्चियों के साथ दुर्व्यवहार का भी आरोप
परिजनों का आरोप है कि बच्चियों को थप्पड़ मारे गए और उन्हें कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया गया। बच्चियों ने कथित तौर पर महिला से बार-बार कहा कि उन्होंने कोई चोरी नहीं की, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कमरे से बाहर नहीं जाने दिया गया। ये सभी आरोप शिकायत और बच्चियों के बताए घटनाक्रम पर आधारित हैं। मामले की जांच के बाद ही घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
परिजनों का थाने पर हंगामा, कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी मिलने के बाद बच्चियों के परिजन नाराज हो गए। वे बच्चियों को लेकर एमआईजी थाने पहुंचे और महिला के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। एमआईजी थाना प्रभारी चंद्रभाल सिंह के मुताबिक, पुलिस को शिकायत मिली है। बच्चियों के बयान दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी घटना
जानकारी के अनुसार, आरोपित महिला नया बसेरा इलाके के एक सरकारी स्कूल में करीब दस साल तक शिक्षिका के रूप में काम कर चुकी हैं और अब सेवानिवृत्त हैं। फिलहाल मामले में पुलिस जांच जारी है। अब यह देखना होगा कि बच्चियों के बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है। नाबालिग बच्चियों से जुड़े इस संवेदनशील मामले में निष्पक्ष जांच और उनकी सुरक्षा सबसे अहम है।














