नई दिल्ली। संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली में सियासी टकराव तेज हो गया है। प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य सांसदों से केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह मिलने पहुंचे, लेकिन दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसद 7, लोक कल्याण मार्ग के निकट धरने पर बैठे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार छात्रों से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही से बच रही है और संसद में चर्चा नहीं कराना चाहती। पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह सरकार का संदेश लेकर धरना स्थल पहुंचे थे। उन्होंने राहुल गांधी से प्रदर्शन समाप्त करने और संसद में चर्चा के जरिए मुद्दे का समाधान निकालने का आग्रह किया। हालांकि राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरना स्थल पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। लोक कल्याण मार्ग और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तथा अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।कांग्रेस का कहना है कि यह आंदोलन छात्रों के भविष्य और जवाबदेही की लड़ाई है, जबकि सरकार की ओर से संसद में चर्चा कराने की बात कही जा रही है। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम हैं और राजनीतिक गतिरोध बना हुआ है।













