भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं और खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए। सदन में पेश आंकड़ों ने प्रदेश में रोजगार की स्थिति को लेकर नई बहस छेड़ दी। सरकार के मुताबिक कुल पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या घटी है, लेकिन उच्च शिक्षित युवाओं की बेरोजगारी में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है।तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल ने विधानसभा में बताया कि 30 जून 2026 तक प्रदेश रोजगार पोर्टल पर 17.71 लाख युवा पंजीकृत हैं।सरकारी आंकड़ों के अनुसार:
- दिसंबर 2025 में ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट पंजीकृत बेरोजगार: 6.17 लाख
- जून 2026 में यह संख्या बढ़कर: 7.29 लाख
- यानी केवल छह महीनों में उच्च शिक्षित बेरोजगारों की संख्या में करीब 1.12 लाख की बढ़ोतरी हुई।
- कुल बेरोजगार घटे, लेकिन पढ़े-लिखे बेरोजगार बढ़े

सरकार ने यह भी बताया कि कुल पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 25.95 लाख से घटकर 17.71 लाख रह गई है। वहीं, 12वीं पास बेरोजगारों की संख्या भी 12.95 लाख से घटकर 6.72 लाख हो गई है। इसी कारण विपक्ष ने सवाल उठाया कि जब कुल बेरोजगार कम हो रहे हैं तो उच्च शिक्षित युवाओं की बेरोजगारी तेजी से क्यों बढ़ रही है।
रीवा में सबसे ज्यादा बेरोजगार
रोजगार पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार:
- रीवा – सबसे अधिक पंजीकृत बेरोजगार
- सागर
- जबलपुर
- सतना
- छिंदवाड़ा
इनके अलावा राजगढ़ जिले में भी 50 हजार से अधिक बेरोजगार पंजीकृत हैं। जबकि पांढुर्ना सबसे कम पंजीकृत बेरोजगार वाला जिला बताया गया।
खाद-बीज और बारिश पर भी सरकार-विपक्ष आमने-सामने
नियम 139 के तहत किसानों के मुद्दे पर चर्चा के दौरान कांग्रेस ने खाद, बीज और बारिश की स्थिति को लेकर सरकार को घेरा।
सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि प्रदेश में सूखा नहीं बल्कि अल्पवर्षा की स्थिति है। उन्होंने बताया कि 20 जुलाई तक प्रदेश में सामान्य से 16 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि सरकार के पास 27.10 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है।
कृषि मंत्री एल. सिंह कंगाना ने भी विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि खाद वितरण में अनियमितता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
कांग्रेस का प्रदर्शन
सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि प्रदेश के किसान खाद और बीज के लिए परेशान हैं, जबकि सरकार केवल दावे कर रही है।
वहीं, विधायक पंकज उपाध्याय ने अपने प्रश्न लगातार निरस्त किए जाने के विरोध में विधानसभा परिसर में धरना भी दिया।
सदन में उठे बड़े सवाल
विधानसभा में सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि यदि रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं और कुल पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या कम हो रही है, तो उच्च शिक्षित युवाओं की बेरोजगारी लगातार क्यों बढ़ रही है? इसी मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच पहले दिन तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिली।













