इंदौर में मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी से जुड़े कथित ड्रग्स और सट्टा नेटवर्क मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। राजेंद्र नगर थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच ने नोटिस के बाद नाना पटवारी और उनके करीबी सुमित मंत्री से घंटों पूछताछ की। पूछताछ के बाद दोनों को फिलहाल छोड़ दिया गया, लेकिन दो दिन बाद बैंक खातों की पूरी जानकारी के साथ फिर से पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं ड्रग्स मामले में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अब ऑनलाइन सट्टे को लेकर भी अलग से एफआईआर दर्ज की गई है। बुधवार को एसीपी कार्यालय में नाना पटवारी और सुमित मंत्री से देर रात तक पूछताछ की गई। पुलिस ने दोनों से कथित ड्रग्स लेनदेन, वित्तीय ट्रांजैक्शन और अन्य पहलुओं पर सवाल किए। अधिकारियों ने दोनों को दो दिन बाद अपने बैंक खातों का पूरा विवरण लेकर दोबारा उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। पुलिस के मुताबिक, एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले में अब तक पांच आरोपियों को नामजद किया जा चुका है। इससे पहले पुलिस ने इरफान चंदेरी और संजय कौशल उर्फ रॉनी भाई को 10.8 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ के आधार पर अयान, आरिफ खान और सेजल को भी मामले में आरोपी बनाया गया है। पुलिस ड्रग्स सप्लाई चेन और आरोपियों के आपसी संबंधों की जांच कर रही है।

इसी जांच के दौरान सामने आए कथित ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क पर भी पुलिस ने अलग कार्रवाई करते हुए गैंबलिंग एक्ट के तहत नई एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में संजय कौशल उर्फ रॉनी भाई के साथ आशीष, यश उर्फ दिनेश और प्रितेश को आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब इन आरोपियों के ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क, बैंक खातों और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान मिले बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। अब सभी की नजर दो दिन बाद होने वाली अगली पूछताछ पर है, जिसमें बैंक खातों के विवरण का मिलान जांच के दौरान सामने आए अन्य वित्तीय रिकॉर्ड से किया जाएगा।














