शाह बोले- 2029 तक मध्यप्रदेश को नशामुक्त करेंगे: 35 हजार से ज्यादा गोपालकों के सम्मेलन में पहुंचे गृह मंत्री, गौशालाओं को ₹101 करोड़ से अधिक की सहायता
उज्जैन में ₹255 करोड़ के डेयरी प्लांट का वर्चुअल भूमिपूजन; दूध उत्पादन और सहकारिता को बढ़ावा देने पर जोर
भोपाल। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने को लेकर बड़ा लक्ष्य सामने रखा। शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश को 31 दिसंबर 2029 तक नशामुक्त करने के लिए राज्य सरकार और गृह विभाग के साथ विस्तृत योजना तैयार की जाएगी। सम्मेलन में 35 हजार से अधिक गोपालकों और डेयरी सहकारी समितियों से जुड़े सदस्यों के शामिल होने की जानकारी है।

गौशालाओं को ₹101 करोड़ से ज्यादा की सहायता
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की पंजीकृत गौशालाओं के लिए ₹101 करोड़ से अधिक की सहायता राशि जारी की गई। यह राशि जुलाई और अगस्त 2026 के दौरान गौशालाओं में संरक्षित गोवंश के रखरखाव और भरण-पोषण से जुड़ी है। राशि डीबीटी के माध्यम से संबंधित खातों में भेजे जाने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही गोपालक दीदियों के सम्मान और अन्य योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र देने का कार्यक्रम भी रखा गया।
उज्जैन में ₹255 करोड़ का डेयरी प्लांट
अमित शाह ने उज्जैन में ₹255 करोड़ की लागत से बनने वाले मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का वर्चुअल भूमिपूजन किया। सरकारी जानकारी के मुताबिक इस प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 3 लाख लीटर दूध के प्रसंस्करण की होगी। इसके अलावा भोपाल में 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट और डेयरी क्षेत्र से जुड़ी अन्य सुविधाओं के उद्घाटन/शुभारंभ का कार्यक्रम भी हुआ।
शाह बोले- दूध उत्पादन में भारत आगे
सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने केंद्र सरकार के कार्यकाल के दौरान देश में दूध उत्पादन बढ़ने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2014-15 में प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता करीब 307 ग्राम थी, जो बढ़कर 485 ग्राम तक पहुंच गई है। उन्होंने मध्यप्रदेश समेत प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्यों की भूमिका का भी उल्लेख किया।
शाह ने सहकारिता और डेयरी क्षेत्र को ग्रामीण अर्थव्यवस्था तथा पशुपालकों की आय से जोड़ते हुए कहा कि डेयरी सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने से दूध उत्पादकों और पशुपालकों को बाजार से बेहतर तरीके से जोड़ने में मदद मिल सकती है।
‘बच्चों के भविष्य के लिए नशे की जगह नहीं होगी’
नशामुक्त मध्यप्रदेश के लक्ष्य को लेकर शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री और गृह विभाग के साथ बैठक कर इस दिशा में बारीकी से योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने अभिभावकों और विशेष रूप से माताओं से बच्चों को नशे से दूर रखने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
भोपाल दौरे के दौरान शाह के कार्यक्रम में नए आपराधिक कानूनों पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी और उच्च शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम भी शामिल रहे। भौंरी में IISER के अत्रि परिसर के शिलान्यास और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के अनावरण का कार्यक्रम भी उनके दौरे का हिस्सा है।













