भोपाल। बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम बाकी है तो उसे आज ही निपटा लेना बेहतर होगा। रविवार होने के बावजूद मध्य प्रदेश में सरकारी बैंकों की शाखाएं आज खुली हैं। इसकी वजह सोमवार से शुरू होने वाली तीन दिवसीय बैंक हड़ताल है। बैंक यूनियनों की ओर से 5 डे वीक यानी सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत अन्य मांगों को लेकर 28 से 30 सितंबर तक हड़ताल का आह्वान किया गया है।
रविवार को क्यों खुले बैंक?
अगर रविवार को बैंक बंद रहते तो शनिवार की छुट्टी, रविवार का अवकाश और इसके बाद तीन दिन की हड़ताल के कारण लगातार पांच दिनों तक बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज प्रभावित होता। इसी स्थिति को देखते हुए सरकारी बैंकों को रविवार को शाखाएं खोलने का निर्णय लिया गया है।
आज शाखाओं के साथ करेंसी चेस्ट से जुड़े काम भी संचालित रहने की जानकारी है। ग्राहकों के लिए यह दिन जरूरी बैंकिंग कार्य निपटाने का मौका है।
28 से 30 सितंबर तक हड़ताल
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) से जुड़े विभिन्न संगठनों ने 28, 29 और 30 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। मध्य प्रदेश में करीब 40 हजार बैंककर्मियों के हड़ताल में शामिल होने का दावा किया गया है।
प्रदेश में करीब 7 हजार बैंक शाखाएं हैं। भोपाल में लगभग 400, इंदौर में करीब 800 और उज्जैन में करीब 300 शाखाएं होने की जानकारी दी गई है। ये आंकड़े बैंक यूनियन/स्थानीय संगठनों द्वारा बताए गए हैं।
कौन-कौन सी सेवाएं हो सकती हैं प्रभावित?
हड़ताल के दौरान शाखाओं से जुड़े कई काम प्रभावित होने की संभावना है। इनमें—
- नकद जमा और निकासी
- चेक क्लियरिंग
- ड्राफ्ट से जुड़े काम
- पासबुक अपडेट
- शाखा स्तर के अन्य बैंकिंग कार्य
शामिल हैं।
वहीं UPI, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और अन्य डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है, हालांकि किसी भी सेवा में तकनीकी या बैंक-विशिष्ट बाधा की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता।
क्या है 5 डे वीक की मांग?
बैंक कर्मचारी संगठन लंबे समय से सप्ताह में पांच दिन कामकाज की व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल बैंक कर्मचारियों को महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश मिलता है। यूनियनों की मांग है कि सोमवार से शुक्रवार तक बैंकिंग कामकाज हो और शनिवार-रविवार साप्ताहिक अवकाश रहे। इसके लिए काम के कुल घंटों में संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से कार्यदिवसों में प्रतिदिन अतिरिक्त समय देने का प्रस्ताव भी यूनियनों की ओर से रखा गया है।
ग्राहकों को पहले ही भेजे गए संदेश
हड़ताल के संभावित असर को देखते हुए बैंकों की ओर से ग्राहकों को पहले ही संदेश भेजकर जरूरी बैंकिंग काम समय रहते पूरा करने की सलाह दी गई है। ग्राहकों को नकदी की जरूरत के लिए ATM/ADWM, ग्राहक सेवा केंद्र और डिजिटल माध्यमों जैसे इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और UPI का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
MP में रोजाना हजारों करोड़ का लेन-देन
बैंकिंग सेवाओं में तीन दिन की रुकावट का असर बड़े स्तर पर पड़ सकता है। स्थानीय बैंकिंग संगठनों के मुताबिक मध्य प्रदेश में रोजाना हजारों करोड़ रुपये का बैंकिंग लेन-देन होता है। ऐसे में शाखाओं से जुड़े काम प्रभावित होने पर कारोबारियों, व्यापारियों और आम ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जारी रहने से ऑनलाइन भुगतान और कई जरूरी लेन-देन किए जा सकेंगे।
10 साल बाद रविवार को बैंक खोलने की नौबत
रविवार को बैंक खोलने का फैसला 2016 की नोटबंदी के बाद की स्थिति की याद भी दिला रहा है। उस समय पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट बदलने और जमा करने के लिए रविवार को भी बैंक शाखाएं खोली गई थीं।फिलहाल इस बार रविवार को बैंक खोलने की वजह अलग है—तीन दिन की प्रस्तावित हड़ताल से पहले ग्राहकों को बैंकिंग सेवाओं का एक अतिरिक्त दिन उपलब्ध कराना। अब सोमवार से शुरू होने वाली तीन दिवसीय हड़ताल के दौरान शाखा आधारित सेवाओं पर इसका कितना असर पड़ता है, यह देखना होगा।













