उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को अपने पैतृक घर पहुंचे। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने खुद गैंती चलाकर सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे मकान के हिस्से को हटाने की शुरुआत की। बचपन की यादों से जुड़े घर पर गैंती चलाते समय मुख्यमंत्री भावुक भी नजर आए। इस घटनाक्रम की पुष्टि रविवार की प्रकाशित कई रिपोर्टों में हुई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस घर में जन्म लिया, जहां बचपन बीता और खेलते-कूदते बड़े हुए, उसे हटाना भावनात्मक रूप से आसान नहीं है। लेकिन यदि सिंहस्थ की तैयारियों और शहर के विकास के लिए यह जरूरी है तो विकास के लिए व्यक्तिगत स्तर पर भी योगदान देना चाहिए।

272 भवनों में शामिल है मुख्यमंत्री का पैतृक मकान
सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक करीब 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जाना है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक इस प्रक्रिया में 272 भवन प्रभावित हो रहे हैं, जिनमें मुख्यमंत्री का पैतृक मकान भी शामिल है। रिपोर्टों के अनुसार नगर निगम की नाप-जोख में मुख्यमंत्री के पैतृक मकान का करीब 2.30 मीटर हिस्सा सड़क की सीमा में आ रहा है। उनकी बहन और नगर निगम सभापति कलावती यादव के मकान का हिस्सा भी प्रस्तावित चौड़ीकरण की जद में बताया गया है।
‘सार्वजनिक हित के लिए व्यक्तिगत संपत्ति भी प्रभावित’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन के कई लोगों ने सड़क चौड़ीकरण के लिए अपने मकानों के हिस्से पीछे किए हैं। उन्होंने इसे सिंहस्थ की तैयारियों से जोड़ते हुए कहा कि शहर की आबादी की तुलना में सिंहस्थ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बहुत अधिक होती है, इसलिए भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर अधोसंरचना तैयार करना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग समुदायों के लोगों ने अपने धार्मिक स्थलों और संपत्तियों को भी विकास कार्यों के लिए पीछे किया है। मुख्यमंत्री ने इसे शहर के लोगों के सहयोग के उदाहरण के तौर पर पेश किया।
विकास कार्यों की जरूरत और प्रभावित परिवारों का सवाल
सड़क चौड़ीकरण का उद्देश्य सिंहस्थ के दौरान बढ़ने वाले यातायात और श्रद्धालुओं की आवाजाही के दबाव को देखते हुए मार्ग व्यवस्था को बेहतर करना बताया जा रहा है। हालांकि, ऐसे बड़े शहरी विकास कार्यों में प्रभावित संपत्तियों, मुआवजे और पुनर्वास से जुड़े प्रशासनिक पहलू भी महत्वपूर्ण होते हैं। मुख्यमंत्री के पैतृक मकान का प्रभावित होना इस पूरी प्रक्रिया को इसलिए भी चर्चा में ले आया है क्योंकि यह संपत्ति उनके परिवार की पुरानी यादों से जुड़ी है। रविवार को मुख्यमंत्री ने खुद गैंती चलाकर चौड़ीकरण की प्रक्रिया में परिवार की भागीदारी का सार्वजनिक संदेश दिया। अब सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के साथ उज्जैन में सड़क, यातायात और शहरी अधोसंरचना से जुड़े काम किस तरह आगे बढ़ते हैं, यह देखना अहम होगा। मुख्यमंत्री के पैतृक मकान से शुरू हुई यह कार्रवाई शहर में प्रस्तावित व्यापक चौड़ीकरण अभियान के बीच प्रतीकात्मक रूप से भी चर्चा में है।













