श्योपुर। जिले के किला रोड स्थित एकीकृत शासकीय माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार सुबह मध्याह्न भोजन की व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हंगामे और मारपीट में बदल गया। आरोप है कि स्कूल में स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष और रसोइया के रूप में कार्यरत नसीर बानो ने अपने पति इस्माइल के साथ मिलकर विद्यालय के प्राचार्य कमलजीत सिसोदिया के साथ अभद्रता और मारपीट की। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें महिला द्वारा प्राचार्य पर चप्पल से हमला करते हुए दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

भोजन की गुणवत्ता को लेकर शुरू हुई कहासुनी
बताया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह विद्यार्थियों के लिए तैयार किए जा रहे मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्था को लेकर प्राचार्य कमलजीत सिसोदिया ने रसोइया को कुछ निर्देश दिए थे। इसी बात को लेकर विवाद शुरू होने की बात सामने आई है। आरोप है कि कहासुनी बढ़ने के बाद नसीर बानो ने अपने पति इस्माइल को भी स्कूल परिसर में बुला लिया। इसके बाद मामला प्राचार्य कक्ष तक पहुंच गया और वहां काफी देर तक हंगामा होने की बात कही जा रही है।
बच्चों और स्टाफ के सामने हुआ विवाद
मामला बढ़ने पर महिला द्वारा प्राचार्य पर चप्पल से हमला किए जाने का आरोप है। वहीं उसके पति पर भी प्राचार्य के साथ झूमाझटकी और गाली-गलौज करने के आरोप लगाए गए हैं। स्कूल परिसर में छात्र-छात्राओं और अन्य कर्मचारियों की मौजूदगी में हुए इस घटनाक्रम से अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने घटना का वीडियो मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
शिक्षा विभाग और पुलिस तक पहुंचा मामला
घटना के बाद विद्यालय के स्टाफ में नाराजगी बताई जा रही है। मामले की सूचना स्थानीय पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिए जाने की बात सामने आई है। अब पुलिस और शिक्षा विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और मारपीट के लिए कौन जिम्मेदार है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो शासकीय संस्था में अनुशासनहीनता, शासकीय कार्य में बाधा और प्राचार्य के साथ कथित मारपीट को लेकर संबंधित लोगों पर कार्रवाई हो सकती है।
स्कूल में सुरक्षा और अनुशासन पर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने स्कूल परिसर में शिक्षकों और विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मिड-डे मील जैसी व्यवस्था को लेकर उठे विवाद का स्कूल परिसर में इस स्तर तक पहुंचना शिक्षा विभाग के लिए भी चिंता का विषय है। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या जिम्मेदार लोगों पर विभागीय या कानूनी कार्रवाई होती है।













