सागर। बंडा में जहरीली शराब पीने से 29 लोगों की मौत के बाद अब सरकार और प्रशासन ने अवैध शराब के कारोबार से जुड़े आरोपितों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गुरुवार को राजस्व और पुलिस की भारी मौजूदगी में प्रशासनिक अमला मुख्य आरोपितों के ठिकानों पर पहुंचा। बंडा में मुख्य आरोपित मनीष लोधी उर्फ यशवंत सिंह ठाकुर के मकान पर कार्रवाई की गई, वहीं ततरवारा के सरपंच चंद्रभान उर्फ चंदू सिंह राजपूत के मकान पर भी प्रशासनिक टीम पहुंची। इस कार्रवाई के साथ ही जहरीली शराब कांड में अब अवैध कारोबार से जुड़े ठिकानों की जांच और अवैध निर्माणों पर कार्रवाई का सिलसिला तेज होता दिखाई दे रहा है।

मुख्य आरोपित फरार, चंदू राजपूत पुलिस गिरफ्त में
मामले में पुलिस ने ततरवारा सरपंच चंद्रभान उर्फ चंदू सिंह राजपूत को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं शराब ठेकेदार मनीष लोधी उर्फ यशवंत सिंह ठाकुर अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, नई शराब की खेप तैयार होने के बाद मनीष लोधी बिहार चला गया था। सतना पहुंचने के दौरान उसे जहरीली शराब से लोगों की मौत होने की जानकारी मिली। इसके बाद वह सतना से ही फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
खदान में पहुंची पुलिस, गड्ढे से मिली शराब
जांच के दौरान पुलिस और प्रशासन की नजर आरोपित चंदू राजपूत की पत्थर खदान पर भी गई। IG इरशाद वली ने खदान का निरीक्षण किया। इसी दौरान खदान परिसर में बने एक गड्ढे से बड़ी मात्रा में शराब बरामद होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि बरामद शराब जहरीली हो सकती है। हालांकि शराब की वास्तविक प्रकृति और उसमें मौजूद पदार्थों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
29 मौतों के बाद एक्शन मोड में प्रशासन
बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद प्रशासन की कार्रवाई अब आरोपितों के मकान और कथित अवैध निर्माणों तक पहुंच गई है। भारी पुलिस बल और राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में की जा रही कार्रवाई को लेकर इलाके में भी हलचल बनी हुई है। प्रशासन का फोकस अब यह पता लगाने पर भी है कि अवैध शराब की खेप कहां तैयार हुई, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और शराब की सप्लाई किन इलाकों तक पहुंची।
बुलडोजर के साथ जांच भी जारी
एक तरफ आरोपितों के ठिकानों पर प्रशासनिक कार्रवाई चल रही है, तो दूसरी तरफ पुलिस जहरीली शराब के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। खदान से मिली शराब की जांच रिपोर्ट इस मामले में अहम मानी जा रही है। अब बड़ा सवाल यह है कि 29 लोगों की जान लेने वाली इस शराब की खेप कहां तैयार हुई, इसके पीछे पूरा नेटवर्क कौन चला रहा था और फरार मुख्य आरोपित मनीष लोधी कब पुलिस की गिरफ्त में आएगा?













