इंदौर। महिला पार्षद संध्या यादव को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद बढ़ने के बाद मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने वीडियो जारी कर खेद जताया है। उन्होंने कहा कि उनके बयान को कांग्रेस नेताओं ने गलत तरीके से पेश किया। वहीं, पार्षद संध्या यादव ने भी सामने आकर विजयवर्गीय को पिता तुल्य बताया और टिप्पणी को लेकर चल रही चर्चाओं को लेकर अपना पक्ष रखा।

विकास कार्यक्रम में की थी टिप्पणी
मामला इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 के वार्ड नंबर 6 में आयोजित विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम से जुड़ा है। रविवार को हुए कार्यक्रम में 7 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन और अन्य विकास कार्यों से जुड़े कार्यक्रम हुए थे। कार्यक्रम के दौरान विजयवर्गीय ने संध्या यादव के वार्ड में किए जा रहे काम की तारीफ की। इसी दौरान उन्होंने पार्षद को संबोधित करते हुए कहा था कि उनकी “चौड़ाई बढ़ गई” है। कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद टिप्पणी को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
विवाद बढ़ा तो विजयवर्गीय ने जारी किया वीडियो
विवाद के बाद विजयवर्गीय ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि संध्या यादव उनके लिए बेटी जैसी हैं और उन्होंने उन्हें बचपन से देखा है। उन्होंने कहा कि उनके मन में पार्षद को लेकर किसी तरह की गलत भावना नहीं थी। विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि कांग्रेस नेताओं ने उनके शब्दों को अलग तरीके से प्रस्तुत किया, जिससे उन्हें दुख हुआ। उन्होंने अपनी टिप्पणी पर खेद प्रकट किया।
संध्या यादव ने भी रखा अपना पक्ष
वहीं पार्षद संध्या यादव ने विजयवर्गीय को पिता तुल्य बताते हुए उनका बचाव किया। उन्होंने कहा कि दोनों के बीच पिता-पुत्री जैसा संबंध है और विजयवर्गीय ने उन्हें बचपन में गोद में खिलाया है।संध्या यादव ने कहा कि सोशल मीडिया पर टिप्पणी को लेकर चल रही बातों पर लोगों को ध्यान नहीं देना चाहिए। उन्होंने कार्यक्रम में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया और कहा कि उनके वार्ड में करोड़ों रुपये के काम हुए हैं।
कार्यक्रम में महिलाओं की जिम्मेदारियों का भी किया था जिक्र
वायरल वीडियो के उपलब्ध हिस्से में विजयवर्गीय ने संध्या यादव के काम और सक्रियता की तारीफ करने के साथ महिलाओं की घर और बाहर की जिम्मेदारियों का भी उल्लेख किया था। उन्होंने यह भी कहा था कि संध्या यादव को काम के दौरान गुस्सा आने पर यदि वह किसी को डांट दें तो इसे व्यक्तिगत रूप से नहीं लिया जाना चाहिए। टिप्पणी के बाद कांग्रेस नेताओं ने इसे लेकर सवाल उठाए थे, जबकि अब विजयवर्गीय की सफाई और संध्या यादव के बयान के बाद मामले में दोनों पक्षों का रुख सामने आ गया है। फिलहाल विवादित टिप्पणी को लेकर मंत्री ने खेद व्यक्त किया है, जबकि संबंधित पार्षद ने भी सार्वजनिक रूप से विजयवर्गीय के बयान का बचाव किया है।













