बड़वानी। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय शहीद भीमा नायक स्नातकोत्तर महाविद्यालय के खेल मैदान की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर छात्र-छात्राओं ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार से एथलीट्स, खिलाड़ी और NCC-NSS कैडेट्स ने 17 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू कर दिया। छात्रों का कहना है कि वे पिछले करीब ढाई साल से खेल मैदान की अव्यवस्थाओं, सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव की समस्याओं को लेकर कॉलेज प्रबंधन के सामने अपनी बात रखते आ रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ। छात्रों के मुताबिक कई बार लिखित ज्ञापन देने और प्राचार्य से चर्चा करने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी रही। इसके बाद उन्होंने शांतिपूर्ण धरना शुरू करने का निर्णय लिया।
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400 मीटर ट्रैक में जलभराव, अभ्यास पर असर
खिलाड़ियों ने खेल मैदान की कई समस्याएं गिनाईं। खिलाड़ी सुशील जमरा सहित अन्य एथलीट्स के मुताबिक मैदान में बना 400 मीटर का 8-लेन लाल मिट्टी ट्रैक लंबे समय से समतलीकरण की समस्या से जूझ रहा है। ट्रैक के कर्व वाले हिस्से में बारिश के दौरान पानी जमा हो जाता है, जिससे खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित होता है। छात्रों ने जल निकासी के लिए स्थायी नाली या पाइपलाइन बनाने की मांग की है।
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लॉन्ग जंप पिट में मानक रेत नहीं होने का दावा
खिलाड़ियों का कहना है कि लॉन्ग जंप पिट में मानक बालू की जगह गिट्टी और मिट्टी होने की वजह से अभ्यास के दौरान चोट लगने का खतरा रहता है। वहीं हॉकी मैदान और रनिंग ट्रैक के बीच सुरक्षा जाली नहीं होने से हॉकी की गेंद एथलीट्स तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। छात्रों ने सुरक्षा के लिए दोनों मैदानों के बीच जाली लगाने की मांग की है।
जंग लगे उपकरण और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल
छात्रों के मुताबिक कॉलेज जिम में कई उपकरण जंग लगे या खराब हालत में पड़े हैं। खेल मैदान के दोनों प्रवेश द्वारों पर CCTV कैमरे और सुरक्षा गार्ड नहीं हैं। छात्रों का कहना है कि बाउंड्री वॉल कम ऊंचाई की होने के कारण शाम के समय बाहरी लोगों के मैदान में आने की आशंका रहती है। इसके अलावा मैदान में पर्याप्त रोशनी की भी कमी बताई गई है। फिलहाल मैदान में लगी कम क्षमता की लाइटों को अपर्याप्त बताते हुए छात्रों ने 400 वाट की LED फ्लड लाइटें लगाने की मांग की है। साथ ही गेट खोलने और बंद करने का निर्धारित समय तय करने की मांग भी रखी गई है।
निजी और राजनीतिक कार्यक्रमों पर रोक की मांग
छात्रों ने खेल मैदान को नियमित खेल गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखने की मांग की है। इसके तहत मैदान में निजी और राजनीतिक कार्यक्रमों के आयोजन तथा वाहन पार्किंग पर रोक लगाने की मांग 17 सूत्रीय मांग पत्र में शामिल की गई है।
महिला खिलाड़ियों ने बताई शौचालय और चेंजिंग रूम की समस्या
महिला खिलाड़ियों ने भी मैदान की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी परेशानियां बताईं। उनका कहना है कि शौचालय और चेंजिंग रूम पर अक्सर ताला लगा रहता है, जिससे खिलाड़ियों को परेशानी होती है। इसके अलावा छात्रों ने खेल विभाग के लिए अलग स्टोर रूम बनाने और एथलेटिक्स, खो-खो, क्रिकेट तथा हॉकी के लिए गुणवत्तापूर्ण खेल सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्राउंड्समैन और संयुक्त प्रबंधन समिति की मांग
खिलाड़ियों ने मैदान की नियमित देखरेख के लिए स्थायी ग्राउंड्समैन नियुक्त करने की मांग की है। इसके साथ ही कॉलेज प्रबंधन और खिलाड़ियों की संयुक्त प्रबंधन समिति बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया है, ताकि मैदान से जुड़ी व्यवस्थाओं और समस्याओं पर नियमित निगरानी रखी जा सके। छात्रों ने जनभागीदारी से जुड़े खेल कर्मचारियों के माध्यम से नियमित कोचिंग उपलब्ध कराने की मांग भी की है।
लिखित समय-सीमा चाहते हैं खिलाड़ी
धरने पर बैठे खिलाड़ियों का कहना है कि उनकी मांगें केवल आश्वासन तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक मांग पर लिखित समय-सीमा के साथ कार्रवाई की जाए। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी समस्याओं पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक उनका सत्याग्रह जारी रहेगा। अब देखना होगा कि कॉलेज प्रबंधन और संबंधित अधिकारी खिलाड़ियों की 17 सूत्रीय मांगों पर क्या कदम उठाते हैं और वर्षों से बताई जा रही इन व्यवस्थागत समस्याओं का समाधान कब तक होता है।













