इंदौर में पंढरीनाथ थाने के सामने सड़क का बड़ा हिस्सा धंसने से इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि सड़क पर बने छोटे से गड्ढे ने कुछ ही दिनों में बड़ा रूप ले लिया और सोमवार तक इसकी गहराई करीब 15 फीट तथा चौड़ाई 4 से 6 फीट तक पहुंच गई। इसके बाद सड़क का एक हिस्सा भी धंस गया। स्थानीय रहवासियों के मुताबिक, इस जगह पर गुरुवार से ही सड़क पर छोटा गड्ढा दिखाई दे रहा था। उनका कहना है कि शुरुआत में ही यदि इस पर ध्यान दिया जाता तो स्थिति इतनी गंभीर होने से रोकी जा सकती थी। सड़क धंसने की सूचना मिलने के बाद नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से गड्ढे को भरने का काम शुरू किया।

तीन-चार साल पहले डाली गई थी ड्रेनेज लाइन
रहवासियों के अनुसार, करीब तीन से चार साल पहले इसी स्थान पर ड्रेनेज लाइन डालने का काम किया गया था। अब सड़क धंसने के बाद ड्रेनेज लाइन बिछाने के काम और सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, सड़क धंसने की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। स्थानीय रहवासी मनीष वाधवानी ने बताया कि गड्ढा पहले काफी छोटा था, लेकिन धीरे-धीरे उसका आकार बढ़ता गया। रहवासियों ने समय रहते इसकी जानकारी नगर निगम अधिकारियों को भी दी थी।
निगम ने मिट्टी के कटाव को बताया वजह
घटना की जानकारी मिलने के बाद नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से गड्ढे को भरने का काम किया। नगर निगम अधिकारी लक्ष्मीकांत वाजपेई के मुताबिक, मिट्टी के कटाव के कारण सड़क अंदर से खोखली हो गई और इसी वजह से सड़क का हिस्सा धंस गया। फिलहाल घटना में किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है। निगम की टीम मौके पर स्थिति का जायजा ले रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
जांच के बाद सामने आएगी असली वजह
सड़क धंसने की घटना ने एक बार फिर शहर में सड़क और भूमिगत ड्रेनेज कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास तौर पर जब स्थानीय लोगों के मुताबिक गड्ढा कई दिन पहले दिखाई दे चुका था, तो समय रहते इसकी मरम्मत क्यों नहीं की गई—यह भी जांच का विषय है। अब निगाह इस बात पर है कि नगर निगम की जांच में सड़क धंसने की वजह क्या सामने आती है और क्या इसके लिए किसी स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाती है।













