गृह मंत्री अमित शाह अस्पताल पहुंचकर घायलों से मिले, पांच ICU में भर्ती; हादसे से दो दिन पहले ही पंडाल को मिला था राज्य सरकार का सम्मान
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार रात भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हो गए। घायलों को शहर के तीन अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें पांच मरीज ICU में हैं, जबकि एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। रविवार सुबह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह घायलों का हाल जानने के लिए अपोलो अस्पताल पहुंचे।
हादसे के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पूजा कमेटी के सचिव और उपाध्यक्ष सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। ये सभी उन 14 लोगों में शामिल थे, जिन्हें शनिवार रात हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने मामले में गैर-इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों में पंडाल का बांस का ढांचा तैयार करने और भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने वाले लोग भी शामिल हैं। पुलिस हादसे के कारणों और आयोजन के दौरान सुरक्षा इंतजामों की जांच कर रही है।
इस घटना ने इसलिए भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि जिस चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ हुई, उसे हादसे से महज दो दिन पहले पश्चिम बंगाल सरकार के ‘देवी दुर्गा सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया था। पंडाल को ‘बेस्ट ऑफ बेस्ट’ श्रेणी में चुना गया था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम बारिश के दौरान पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई थी। अंधेरा और संकरे रास्ते हालात को और मुश्किल बना रहे थे। इसी दौरान भगदड़ मच गई और कई लोग भीड़ में दबकर घायल हो गए।
हादसे में बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी अभिषेक कुमार श्रीवास्तव और उनके बेटे आयुष कुमार श्रीवास्तव की भी मौत हो गई। अभिषेक अपनी पत्नी निवा कुमारी के साथ दुर्गा पूजा घूमने कोलकाता आए थे। मृतक के भाई राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि परिवार पूजा देखने के लिए कोलकाता पहुंचा था, लेकिन यह यात्रा उनके लिए दुखद हादसे में बदल गई।
घटना के बाद पूजा पंडालों में भीड़ नियंत्रण, आपातकालीन निकासी मार्ग, रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि भगदड़ किन परिस्थितियों में हुई और आयोजन के दौरान सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन किया गया था या नहीं।













