मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी, इंदौर के जिस बेशकीमती इलाके में हाल ही में पांच सितारा होटल का शुभारंभ हुआ, उससे जुड़ी जमीन और प्रोजेक्ट की प्रक्रिया पर अब सवाल उठाए जा रहे हैं। दावा है कि किसानों को केवल टोकन मनी दिए जाने के बाद करीब 51 एकड़ जमीन को लेकर अनुबंध हुए। निवेशक सम्मेलन में हुए MOU, 280 करोड़ रुपये के विदेशी निवेश और 4,000 लोगों को रोजगार देने जैसे दावों से लेकर प्रोजेक्ट के नाम पर जमीन मुक्त होने और बाद में ‘श्रीराम इंक्लेव’ नाम से आवासीय कॉलोनी की अनुमति मिलने तक—पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। निजी कॉलोनाइज़र को अनुमति मिलने और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल हैं। आखिर जमीन का पूरा घटनाक्रम क्या है? किसानों के साथ हुए अनुबंधों की शर्तें क्या थीं? और क्या निवेश व रोजगार से जुड़े वादे पूरे हुए?
दस्तावेजों, जमीन के रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों के जवाबों के साथ पूरे मामले की पड़ताल।
देखिए The Lapeta की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट।













