वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ी को लेकर कांग्रेस का चुनाव आयोग पर हमला, CWC की बैठक में SIR पर आगे की रणनीति पर चर्चा
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक में खड़गे ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त मोदी सरकार की कठपुतली बन गए हैं। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को पद से तत्काल हटाने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाने के पीछे साजिश की जा रही है। खड़गे के मुताबिक, चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवाल लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।

खड़गे ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने बैठक के दौरान आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त का रवैया भाजपा को फायदा पहुंचाने वाला है। उन्होंने कहा कि देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने में अनियमितताएं हो रही हैं। पार्टी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग की है।
SIR और चुनाव आयोग के अंदर कथित मतभेदों पर चर्चा
कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में मतदाता सूची के पुनरीक्षण, नए मतदाताओं के पंजीकरण और मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक का उद्देश्य इस विवाद पर पार्टी की आगे की रणनीति तय करना और चुनाव आयोग के खिलाफ उठाए जा रहे सवालों को लेकर अगले कदमों पर विचार करना था।
यह विवाद चुनाव आयोग के भीतर SIR से जुड़े कुछ फैसलों को लेकर कथित मतभेदों की खबरों के बाद और तेज हुआ है। मीडिया रिपोर्टों में निर्वाचन आयुक्तों के बीच कुछ प्रक्रियागत फैसलों को लेकर आपत्तियां उठाए जाने की बात सामने आई थी। कांग्रेस ने इन घटनाक्रमों को आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही से जोड़कर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस ने कार्रवाई की मांग तेज की
कांग्रेस लगातार मांग कर रही है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया की समीक्षा की जाए और कथित अनियमितताओं की जांच हो। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी योग्य मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। खड़गे ने संकेत दिया कि कांग्रेस इस मुद्दे को गंभीरता से उठाएगी और पार्टी के वरिष्ठ नेता आगे की कार्रवाई पर चर्चा करेंगे।
हालांकि, मतदाता सूची में नाम हटाने को लेकर कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त पर पक्षपात के दावों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। इन आरोपों पर चुनाव आयोग का पक्ष और संबंधित प्रक्रियाओं की आधिकारिक जानकारी भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में मामले की पूरी तस्वीर आयोग की सफाई, उपलब्ध आंकड़ों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।













