गुवाहाटी। असम के गुवाहाटी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की प्रस्तावित वॉलंटियर्स मीटिंग से पहले पार्टी के को-कन्वीनर आशुतोष रांका समेत कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। CJP की ओर से दावा किया गया कि कार्यकर्ता बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे थे, लेकिन कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस वाहनों में ले जाया गया।

बैठक से पहले ही पुलिस कार्रवाई
रिपोर्टों के अनुसार, रांका के साथ नागालैंड से पहुंचे कुछ प्रतिभागियों को भी हिरासत में लिया गया। एक रिपोर्ट में खर्गेश्वर मिल्ली, शेख साहिलुद्दीन शाह, हितेश बरुआ, मिंटू दास और टॉमी बरुआ के हिरासत में लिए जाने का उल्लेख है। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। CJP की ओर से दावा किया गया कि बैठक के लिए पहुंचने वाले कार्यकर्ताओं के रास्ते में बैरिकेडिंग की गई थी। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यक्रम स्थल के आसपास आंसू गैस से जुड़े उपकरण तैनात किए गए थे। इन दावों पर असम पुलिस की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं मिली है।
रांका ने स्कूल और काजीरंगा के मुद्दे उठाए
हिरासत में लिए जाने से पहले आशुतोष रांका ने असम की सरकारी स्कूल व्यवस्था, काजीरंगा और बाढ़ समेत कई मुद्दों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नहीं चाहती कि इन मुद्दों पर लोग सवाल करें। रांका ने असम में CJP के सदस्यों को कथित तौर पर धमकाए जाने का भी आरोप लगाया। CJP के मुताबिक, रांका का असम दौरा केवल वॉलंटियर्स मीटिंग तक सीमित नहीं था। वह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से प्रभावित परिवारों से मिलने और सरकारी स्कूलों का जायजा लेने की बात कह चुके थे। स्थानीय वॉलंटियर्स के साथ संगठन का नेटवर्क बढ़ाने की भी बात सामने आई थी।
अभिजीत दीपके ने भी उठाए सवाल
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि आशुतोष रांका और उनकी टीम को पुलिस किसी अज्ञात स्थान पर ले गई। संगठन ने यह भी दावा किया कि हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं से वकीलों को मिलने की अनुमति नहीं दी गई। CJP का कहना है कि वह हिरासत में लिए गए सभी वॉलंटियर्स की संख्या और उनके वर्तमान ठिकाने की पुष्टि नहीं कर सका है। संगठन ने सभी हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा करने की मांग की है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस की विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।
असम में अभियान जारी रखने का दावा
CJP ने कहा है कि पुलिस कार्रवाई के बावजूद असम में उसका अभियान जारी रहेगा। संगठन हाल के दिनों में सरकारी स्कूलों की स्थिति, मतदाता सूची और अन्य सार्वजनिक मुद्दों को लेकर अलग-अलग राज्यों में गतिविधियां कर रहा है। असम पहुंचने से एक दिन पहले भी रांका ने गुवाहाटी में स्कूलों का दौरा करने, SIR से प्रभावित परिवारों से मिलने और स्थानीय वॉलंटियर्स से संवाद की बात कही थी। फिलहाल पूरे मामले में मुख्य सवाल यही है कि CJP कार्यकर्ताओं को किस आधार पर हिरासत में लिया गया और उन्हें कहां रखा गया है। पुलिस की ओर से आधिकारिक तौर पर इन सवालों पर विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।













