नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। उत्तराखंड से लेकर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार तक भारी बारिश के कारण हालात बिगड़ रहे हैं। कहीं बादल फटने के बाद लैंडस्लाइड से रास्ते बंद हो गए हैं तो कहीं नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हैं और कई इलाकों में सड़क व पुल भी पानी में डूब गए हैं।

केदारनाथ में बादल फटा, पैदल मार्ग बंद
उत्तराखंड के केदारनाथ में शुक्रवार को बादल फटने के बाद लैंडस्लाइड की घटना सामने आई। पहाड़ से बड़े-बड़े बोल्डर गिरने के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग प्रभावित होकर बंद हो गया। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के सभी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। प्रदेश में यलो अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
यूपी में 26 जिले बाढ़ की चपेट में
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा और यमुना समेत 10 से ज्यादा नदियां उफान पर हैं। प्रदेश के 26 जिले बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं, जबकि 4 लाख से ज्यादा लोग इसकी चपेट में हैं। बारिश और बढ़ते जलस्तर के कारण कई जगहों पर जनजीवन प्रभावित हुआ है। मिर्जापुर में पुल पर पानी का असर देखने को मिला, वहीं फर्रुखाबाद में हाईवे के डूबने की स्थिति सामने आई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए प्रशासन की ओर से राहत और बचाव की तैयारियां बढ़ाई जा रही हैं।
MP में तीन दिन बाद फिर एक्टिव हुआ मानसून
मध्य प्रदेश में करीब तीन दिन के ब्रेक के बाद मानसूनी सिस्टम फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुरुवार रात भोपाल, नर्मदापुरम और विदिशा में बारिश हुई। वहीं दमोह में बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई कॉलोनियों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश का दौर आगे भी जारी रहने की संभावना के बीच प्रशासन को निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
बिहार में बाढ़ का संकट गहराया
बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। प्रदेश की 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। 14 जिलों के 2,360 गांव बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं और करीब 44 लाख लोग इसकी चपेट में हैं। बाढ़ के कारण 27,954 लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है। कई इलाकों में पानी बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
कोसी के दबाव से बांध पर खतरा
नवगछिया के रंगरा प्रखंड स्थित मुरली गांव में रात करीब 11 बजे कोसी नदी के दबाव का असर देखने को मिला। जानकारी के मुताबिक रेला बांध के आसपास पानी का दबाव बढ़ रहा है और बाढ़ का पानी नया व साधोपुर गांव की ओर फैलने की स्थिति में है। नदी का जलस्तर और बांध पर बढ़ता दबाव स्थानीय लोगों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर हालात पर नजर रखी जा रही है।
कई राज्यों में एक साथ बिगड़े हालात
केदारनाथ में बादल फटने और लैंडस्लाइड से लेकर उत्तर प्रदेश व बिहार में बाढ़ और मध्य प्रदेश में भारी बारिश के अलर्ट तक, मानसून ने एक बार फिर कई राज्यों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा है, जबकि मैदानी इलाकों में नदियों का बढ़ता जलस्तर चिंता बढ़ा रहा है। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक मौसम और नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की निगरानी बेहद अहम रहेगी।













